जिसने हमको चाहा उसे हम चाह न सके, और जिसको हमने चाहा उसको हम पा न सके

ऐसा नही है मेरे दिल में तेरी तस्वीर नही है, पर शायद मेरे हाथो में ही तेरे नाम की लकीर नही है

ये न कह मोहब्बत मिलना किस्मत की बात है, क्योंकि मेरी बर्बादी में तेरा भी हाथ है

खुदा कभी किसी पे फ़िदा न करे, अगर करे भी तो कभी कयामत तक जुदा न करे

कोई मरतो नही जाता इश्क-ए-जुदाई में, लेकिन जी भी तो नही पाता है जिंदगी की तन्हाई में

तेरे लिए लड़ लिए सबसे, लेकिन हम हार गये अपने नसीब से

बनावटी इस दुनिया में तेरी सादगी पर मर मिटे हैं.. हर अदा में तेरी अब हम खुद को खो चुके हैं

वो तेरे खत तेरी तस्वीर और सूखे फूल, उदास करती हैं मुझ को निशानियाँ तेरी

वह मेरा सब कुछ है पर मुक़द्दर नहीं, काश वो मेरा कुछ न होता पर मुक़द्दर होता

दिल को बुझाने का बहाना कोई दरकार तो था, दुःख तो ये है तेरे दामन ने हवायें दी हैं

बेवक्त बेवजह बेसबब सी बेरुखी तेरी, फिर भी बेइंतहा तुझे चाहने की बेबसी मेरी

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