"तेरी निगाह दिल से जिगर तक उतर गयी, दोनों को ही एकअदा में रजामंद कर गई।"

"मुस्कुरा के देखा तो कलेजे में चुभ गयी, खँजर से भी तेज़ लगती हैं आँखें जनाब की।"

"देखा है मेरी नजरों ने एक रंग छलकते पैमाने का, यूँ खुलती है आंख किसी की जैसे खुले दर मैखाने का।"

"फर्याद कर रही हैं तरसती हुई निगाहें, देखे हुए किसी को… बहुत दिन गुज़र गए।"

"इकरार में शब्दों की एहमियत नहीं होती, दिल के जज़्बात की आवाज़ नहीं होती, आँखें बयान कर देती है दिल की दास्तान, मोहब्बत लफ्जों की मोहताज नहीं होती"

"आँखें नीची हैं तो हया बन गई, आँखें ऊँची हैं तो दुआ बन गई, आँखें उठ कर झुकी तो अड़ा बन गई, आँखें झुक कर उठी तो कदा बन गई।"

"ये गुलाबों सा तेरी आँखों का जाम अच्छा है जिस ख़त में आए तेरा नाम वो पेग़ाम अच्छा है"

"मैं ने जिस लम्हे को पूजा है उसे बस एक बार, ख़्वाब बन कर तेरी आँखों में उतरता देखूँ"

"लाजमी तो नही है कि तुझे आँखों से ही देखूँ.. तेरी याद का आना भी तेरे दीदार से कम नही."

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