GULZAR SAHAB KI HINDI SAD SHAYARI

बर्बाद करने के और भी कई तरीके थे

तुमने तो ज़िन्दगी में आकर 

ज़िन्दगी बनके ज़िन्दगी से ज़िन्दगी ही ले ली

 

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“तेरी तो फितरत थी 

सब से मोहब्बत करने की 

हमने बेबजह ही 

खुद को खुशनसीब समझा “

 

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“अच्छा हुआ जो मालूम हो गया,

हम उनके दिल में नहीं  है,

वरना हम तो घर भी छोड़ रहे थे,

उनके दिल में रहने के लिए “

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“काश कोई मिल जायें हमें भी आईने की तरह,

जो हँसे भी साथ साथ,

और रोये भी साथ साथ”

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“सोचा था की तुमसे बात किये बगौर,

एक शाम तक न गुज़ारेंगे,

पर हाल ये है की तेरी आव़ाज सुने ज़माना हो गया “

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“नाराज तो नही थे तेरे जानें से मग़र,

हैरान इस बात से थे की तुमने,

 मुड़ कर तक नहीं देखा “

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“तुम्हारे दिल में क्या है ये तुम जानो,

हम तो बस इतना जानते है कि तुम ही दुनिया हो मेरी,

 उजाड़ दे या बसा दे हस्ती मेरी,

गर हो जाए इनायत रहमत तेरी”

 

  “दियों कों समेट कर तमिज़ से लोग रखते हैं “

अक्सर,

वो जो अंधेरों में उजाला देता है,

पर अपनें और अपनें की,

ज़िन्देगी समेटना लोग कभी सीखे नहीं है”

 

 ” मोहब्बत जिन्दगी के करीब ले आई है,

और इस ज़िन्दगी में बस तू ही तू समाई है,

तेरे बिना खुशियों का चिराग जलता नहीं,

शहर की रोशनी से ये दिल बहलता नहीं”

 

  “रात तो साथ रोती थी,

आंखें यह कहां सोती थी,

 चांद खुद को कमजोर पाता था,

 जब मेरी सिसकियां सुनके जाता था,

तू तो पता नहीं कब आएगा,

सबसे पहले चांद मेरा अमावस्या में मिल जाएगा”

 

  ” मत किया करो यारो ज्यादा फ़िक्र और,

चिंता किसी को कभी अपना मान कर,

लोग कुछ ही दिनों में तुमसे तुम्हारा हक पूछ बैठेंगे,

की किस हक से हक जताते हो”

 

“क्या लिखूं तुझ पर कुछ लफ्ज़ नहीं है,

दूरी का ऐहसास लिखूं या, 

बेपनाह मोहब्बत की बात लिखूं”

 

“अकेले आये थे और अकेले ही चले जायेंगे,

 हा कुछ झुठे लोग मिले थे दुनिया मे,

 जो कह रहे थे,

मरते दम तक साथ निभाएंगे”

 

“सजा ये कैसी मिली दिल लगाने की,

रो रहे हैं मगर तमन्ना थी मुस्कराने की,

अपना दर्द किसे दिखाऊं ऐ दिल,

दर्द भी उसी ने दिया जो वजह थी मुस्कराने की”

 

“हम उम्मीदों की दुनियां बसाते रहे;

वो भी पल पल हमें आजमाते रहे;

जब मोहब्बत में मरने का वक्त आया;

हम मर गए और वो मुस्कुराते रहे”

 

“वफ़ा कितनी भी करो दिल को छू के ना जाए तो कुछ मतलब नहीं ,

किसी का दिल जीतने के लिए आसमान भी कम नहीं ,

दो ही वजह से जीता जाता हैं किसी अपने का दिल ,

एक हैं प्यार ओर दूजा है विश्वास “

 

 ” साथ किसी का मिल जाए तो 

जीने का मजा आ जाये,

तन्हा ना रहे कोई,

हर शख्स  साथ पा जाये,

सुकुन मीले उसे जो तलाशे हैं सुकुन,

 मुझे तो बस उसकी एक जलक मिल जाए “

 

“तुमने तो कहा था हर शाम हाल पूछेंगे तुम्हरा

तुम बदल गये हो या

तुम्हारे शहर में शाम नही होती “

 

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बहुत छाले हैं उसके पैरों में

कमबख्त उसूलो पर चल होगा

 

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फासलो

का अहसास

तब हुआ जब मैंने कहा.. ठीक हूँ और उसने..

मान लिया”

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थोड़ा सा रफू करके देखिए ना

फिर से नई सी लगेगी

जिंदगी ही तो है”

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तेरे जाने से तो कुछ बदला नहीं,

रात भी आयी और चाँद भी था, मगर नींद नहीं

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कौन कहता हैं कि हम झूठ नहीं बोलते

एक बार खैरियत तो पूछ के देखियें

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गुलज़ार साहब की प्रसिद्ध Hindi शायरी

“वास्ता नहीं रखना तो नज़र क्यूँ रखते हो

किस हाल में जिंदा हूँ खबर क्यूँ रखते हो”

 

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कुछ बातें तब तक समझ में नहीं आती

जब तक ख़ुद पर ना गुजरे

 

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कुछ अलग करना हो तो भीड़ से हट के चलिए,

भीड़ साहस तो देती हैं मगर पहचान छिन लेती हैं

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अच्छी किताबें और अच्छे लोग

तुरंत समझ में नहीं आते हैं,

उन्हें पढना पड़ता हैं

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“मोहब्बत ज़िन्दगी बदल देती है,

मिल जाये जब भी और ना

मिले तब भी”

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